
वडोदरा ( गुजरात ) निवासी देवता स्वरूप, ऋषि भक्त डॉ॰ #भगवान_स्वरूप_वानप्रस्थी एवं माता श्रीमती #योगेश्वरी_देवी_वानप्रस्था जी की प्रेरणा से आर्य जगत के प्रसिद्ध विद्वान स्मृतिशेष श्री #कान्तीलाल_गौड़ एवं स्मृतिशेष माता श्रीमती #शान्ति_गौड़ जी की स्मृति में जर्मनी निवासी उदारमना, धार्मिक एवं विद्वान पिता के सुयोग्य सुपुत्र श्रीमान् #विवेकशील_गौड़ सहधर्मिणी श्रीमती #ऋचा_गौड़ जी के पवित्र सहयोग से आर्य पुरोहित सम्मेलन में २६ फरवरी २०२६ को डॉ॰#नरेन्द्र_अग्निहोत्री जी ( वैदिक प्रवक्ता ) के द्वारा लिखित पुस्तक #यज्ञ_विधि का विमोचन किया गया।
#पुस्तक_विमोचन डॉ॰ भगवान स्वरूप वानप्रस्थी, माता श्रीमती योगेश्वरी देवी वानप्रस्था ( वडोदरा ), लेखक की बड़ी मां श्रीमती अङ्गूरी देवी ( आगरा ), सद्भावना जन कल्याण ट्रस्ट की अध्यक्षा श्रीमती त्रिवेणी आनन्द ( आगरा ), सार्वदेशिक आर्य पुरोहित सभा के प्रधान आचार्य प्रेमपाल शास्त्री ( दिल्ली ), सार्वदेशिक आर्य पुरोहित सभा के महामन्त्री आचार्य नरेन्द्र शास्त्री ( मुम्बई ), पुस्तक के मुद्रक श्री प्रभात माहेश्वरी ( आगरा ), जिला आर्य उपप्रतिनिधि सभा के प्रधान श्री विजय पाल सिंह चौहान ( आगरा ), नमस्ते जी परिवार से श्रीमान रामप्रकाश गुप्ता ( आगरा ), आर्ष गुरुकुल विजय नगर दखौला के अधिष्ठाता स्वामी विश्वानन्द सरस्वती ( मथुरा ), आर्य पुरोहित सभा जनपद आगरा के प्रधान आचार्य अशोक कुमार शास्त्री ( आगरा ), आर्य पुरोहित सभा जनपद आगरा के महामन्त्री आचार्य विश्वेन्द्रार्य ( आगरा ), आर्य पुरोहित सभा जनपद आगरा के संरक्षक आचार्य ओमप्रकाश शास्त्री ( आगरा ), महर्षि दयानन्द योगपीठ की कोषाध्यक्षा श्रीमती राम जयन्ती ‘निधि’ ( भजनोपदेशिका ) एवं महर्षि दयानन्द योगपीठ की सचिव श्रीमती प्रेमा कनवर ( योगाचार्या एवं पुरोहिता ) द्वारा किया गया।
#यज्ञ_विधि आर्यों के कर्मकाण्ड के लिए एक विशेष पुस्तक तैयार की गयी है जिसमें आर्यों के सभी अवसरों पर किये जाने वाले यज्ञ और अनुष्ठानों की विधि को मन्त्रों के अर्थ सहित दिया गया है। इस पुस्तक को प्राप्त करने के लिए आप हमसे सम्पर्क कर सकते हैं – 9897060822.
शीघ्र ही आर्य परिवारों और आर्य समाजों के दैनिक और साप्ताहिक यज्ञ और सत्संग को एकरूपता प्रदान करने के लिए #आदर्श_दिनचर्या नामक पुस्तक आपकी सेवा में प्रस्तुत की जायेगी। इस पुस्तक में प्रातःकाल के मन्त्र, सन्ध्या, दैनिक और विशेष यज्ञ, पाक्षिक यज्ञ, बलिवैश्वदेव यज्ञ, पितृ यज्ञ, अतिथि यज्ञ, रात्रि कालीन मन्त्र, यज्ञोपवीत मन्त्र, भोजन मन्त्र, के साथ साथ दैनिक सत्संग और साप्ताहिक सत्संग के लिए भी सन्देश दिया जारहा है। पुस्तक में प्रयुक्त सभी मन्त्रों का अर्थ भी दिया जारहा है। आर्य समाज के ध्वज गीत के साथ कुछ आवश्यक भजन भी दिये जा रहे हैं। इस पुस्तक के सन्दर्भ में आप अपने विचार और सुझाव अवश्य देने की कृपा करें। आपके द्वारा सुझाई गयी बातों और प्रकरणों को आवश्यक लगने पर पुस्तक में जोड़ दिया जायेगा।
साहित्य निर्माण की आवश्यकता को देखते हुए #महर्षि_दयानन्द_योगपीठ_न्यास आगरा के द्वारा साहित्य लेखन का कार्य निरन्तर किया जारहा है। आपके पवित्र सहयोग से अवश्य ही इस कार्य को और गति प्राप्त होगी। #जीवन_की_यथार्थता, #आदर्श_गृहस्थ, #विवाह_संस्कार_विधि ( मन्त्रार्थ और विधि व्याख्या सहित ) और #वैदिक_भजन_संग्रह नामक पुस्तकें शीघ्र ही आपकी सेवा में प्रस्तुत की जायेंगी।
आपसे निवेदन है कि इस पवित्र और कल्याणकारी कार्य में अपनी सामर्थ्य से सहयोग प्रदान करने की कृपा करें।
धन्यवाद ।
निवेदक
( वैदिक प्रवक्ता, लेखक एवं मिशनरी प्रचारक )
संचालक/अध्यक्ष – महर्षि दयानन्द योगपीठ
वरिष्ठ सहसंचालक – आर्य वीर दल उत्तर प्रदेश
वरिष्ठ उपप्रधान – सार्वदेशिक आर्य पुरोहित सभा
सम्पर्क सूत्र – 9897060822 ; 9411082340


