तुम क्या हो इसका मूल्यांकन तुम्हारे बाद होगा।
तुम क्या हो इसका मूल्यांकन तुम्हारे बाद होगा। मनुष्य अपने जीवन में अपने बारे में…
अग्निहोत्र – अग्नये परमेश्वराय जलवायुशुद्धिकरणाय च होत्रं हवनं यस्मिन कर्मणि क्रियते तदग्निहोत्रम्।
अग्नि वा परमेश्वर लिए जल और पवन की शुद्धि वा ईश्वर की आज्ञा पालन के अर्थ होत्र जो हवन अर्थात् दान करते हैं , उसे अग्निहोत्र कहते हैं।
ओ३म् भूर्भुवःस्वः।तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहिधियो यो नः प्रचोदयात्।।
सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा को एक सर्वमान्य सर्वसुलभ एवं पूर्णकालिक नेतृत्व की आवश्यकता आर्य समाज केवल एक संस्था नहीं, बल्कि महर्षि दयानन्द सरस्वती द्वारा आरम्भ किया गया एक महान वैदिक जागरण आन्दोलन है। इसका उद्देश्य किसी एक वर्ग, प्रदेश या समुदाय तक सीमित नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता का कल्याण है। यही कारण है कि आर्य…
कल का इंतज़ार मत करो — जो करना है, आज से ही आरम्भ करो “कालः क्रीडति गच्छत्यायुः।” अर्थात् समय अपनी गति से निरन्तर चलता रहता है और हमारी आयु क्षीण होती जाती है। इसलिए जो कार्य आज हो सकता है, उसे कल पर टालना बुद्धिमानी नहीं है। १. समय सबसे मूल्यवान सम्पत्ति है धन, पद…
आप जो भी करें उसका दूरगामी परिणाम अवश्य ध्यान में रखें मनुष्य का प्रत्येक विचार, प्रत्येक शब्द और प्रत्येक कर्म भविष्य का निर्माण करता है। इसलिए बुद्धिमान व्यक्ति केवल यह नहीं सोचता कि आज क्या लाभ होगा, बल्कि यह भी विचार करता है कि उसके निर्णय का प्रभाव आने वाले दिनों, वर्षों और पीढ़ियों पर…
आपको दवा अच्छी लगने वाली चाहिए या रोग का उपचार करने वाली चाहिए ? आज का मनुष्य एक विचित्र मानसिकता का शिकार हो गया है। वह ऐसी बात सुनना चाहता है जो उसे अच्छी लगे, चाहे उससे कोई लाभ न हो। इसके विपरीत जो बात उसके दोषों को सामने लाकर सुधार का मार्ग दिखाती है,…
तुम क्या हो इसका मूल्यांकन तुम्हारे बाद होगा। मनुष्य अपने जीवन में अपने बारे में अनेक धारणाएँ बना सकता है। वह स्वयं को महान समझे या साधारण, सफल माने या असफल—परन्तु उसका वास्तविक मूल्यांकन वह स्वयं नहीं करता, बल्कि समाज, इतिहास और आने वाली पीढ़ियाँ करती हैं। इसलिए कहा गया है—”तुम क्या हो, इसका मूल्यांकन…
बार बार लक्ष्य मत बदलो नहीं तो कुछ हाथ नहीं लगेगा मनुष्य के जीवन की सफलता का सबसे बड़ा आधार है—स्पष्ट लक्ष्य और उसके प्रति निरन्तर समर्पण। जिस व्यक्ति का लक्ष्य बार-बार बदलता रहता है, उसकी ऊर्जा, समय और प्रतिभा बिखर जाती है। वह प्रत्येक कार्य का आरम्भ तो करता है, किन्तु किसी भी कार्य…
शिविर के सहयोगी समस्त भाइयों, बहनों और संगठनों का हृदय से आभार और धन्यवाद मान्यवर,आप सभी के पवित्र सहयोग से महर्षि दयानन्द योगपीठ न्यास आगरा द्वारा मण्डलीय आर्य वीरांगना व्यक्तित्व विकास शिविर एवं राष्ट्रीय आर्य पुरोहिता/उपदेशिका आवासीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन २२ जून से १ जुलाई २०२६ तक आर्यन इन्स्टीट्यूट, सेक्टर-१३, आवास विकास कालोनी, सिकन्दरा,…
#यज्ञ_विधि_पुस्तक_विमोचन ——- वडोदरा ( गुजरात ) निवासी देवता स्वरूप, ऋषि भक्त डॉ॰ #भगवान_स्वरूप_वानप्रस्थी एवं माता श्रीमती #योगेश्वरी_देवी_वानप्रस्था जी की प्रेरणा से आर्य जगत के प्रसिद्ध विद्वान स्मृतिशेष श्री #कान्तीलाल_गौड़ एवं स्मृतिशेष माता श्रीमती #शान्ति_गौड़ जी की स्मृति में जर्मनी निवासी उदारमना, धार्मिक एवं विद्वान पिता के सुयोग्य सुपुत्र श्रीमान् #विवेकशील_गौड़ सहधर्मिणी श्रीमती #ऋचा_गौड़ जी के…
वैदिक विधि से विवाह संस्कार वैदिक विधि से विवाह संस्कार कराने के लिए सम्पर्क करें – आचार्य हरिशंकर अग्निहोत्री( वैदिक प्रवक्ता, लेखक एवं मिशनरी प्रचारक ) संचालक – महर्षि दयानन्द योगपीठ ट्रस्ट आगरावरिष्ठ सहसंचालक – आर्य वीर दल उत्तर प्रदेशवरिष्ठ उपप्रधान – सार्वदेशिक आर्य पुरोहित सभा सम्पर्क सूत्र –98970608229411082340 वेबसाइट —- https://maharshidayanandyogpeeth.com विवाह संस्कार के…
आर्य पुरोहित/उपदेशक प्रशिक्षण महर्षि के सशक्त सैनिक तैयार करने के लिए आर्य पुरोहित/उपदेशक प्रशिक्षण का यह विशेष कार्य किया जारहा है। गुरुकुल में पढ़ रहे या पढ़कर अपने जीवन यापन के लिए किसी भी पुरुषार्थ पूर्ण कार्य को कर रहे उन सभी ब्रह्मचारियों और महानुभावों से निवेदन है कि महर्षि के कार्य के लिए भी…