दैनिक सायंकालीन यज्ञ ( अग्निहोत्र ) विधि
( महर्षि दयानन्द सरस्वती जी महाराज द्वारा निर्देशित आर्यों की दिनचर्या ) आचमन ओम् अमृतोपस्तरणमसि स्वाहा॥1॥ इस से एक। ओम् अमृतापिधानमसि स्वाहा॥2॥ इस से दूसरा। ओं सत्यं यशः श्रीर्मयि श्रीः श्रयतां स्वाहा॥3॥ अङ्गस्पर्श इस से तीसरा आचमन करके, तत्पश्चात् नीचे लिखे मन्त्रों से जल करके अंगों का स्पर्श करें— ओं वाङ्म आस्येऽस्तु॥1॥ इस मन्त्र से मुख।…


