Maharshi Dayanand

जन्माष्टमी पर्व पर यज्ञ

महर्षि दयानन्द सरस्वती जी महाराज की दृष्टि में योगेश्वर श्रीकृष्ण जी‌ महाराज – ‘‘देखो! श्रीकृष्ण जी का इतिहास महाभारत में अत्युत्तम है। उन का गुण, कर्म, स्वभाव और चरित्र आप्त पुरुषों के सदृश है। जिस में कोई अधर्म का आचरण श्रीकृष्ण जी ने जन्म से मरण-पर्यन्त बुरा कुछ भी किया हो ऐसा नहीं लिखा, और…

Read More

महर्षि दयानन्द सरस्वती

     महर्षि दयानन्द सरस्वती जी महाराज के जीवन दर्शन को विस्तार से जानने के लिए वेबसाइट पर अध्ययन करें। जिसका लिंक निम्नलिखित है – http://www.maharshidayanand.com

Read More

 कृण्वन्तो विश्वमार्यम् की मिशनरी योजना 

 कृण्वन्तो विश्वमार्यम् की मिशनरी योजना   आचार्य हरिशंकर अग्निहोत्री           मैंने अपने अध्ययन और प्रचार यात्रा में हुए अनुभवों के आधार पर महर्षि दयानन्द सरस्वती जी महाराज के मिशन को जितना समझा है और इस मिशन में कैसे सफलता मिलेगी, इसके लिए कुछ विचार आपके सामने रखने का प्रयास किया है। यदि ये विचार उपयोगी लगें तो…

Read More

महर्षि दयानन्द योगपीठ (न्यास) के उद्देश्य

1. महर्षि दयानन्द सरस्वती जी महाराज द्वारा निर्देशित कल्याणकारी वैदिक सिद्धान्तों को मानना व प्रचार करना इस न्यास का मुख्य उद्देश्य होगा। 2. सार्वभौम सुख एवं शान्ति के लक्ष्य को ध्यान में रख विश्व में वैदिक धर्म, वैदिक संस्कृति तथा वैदिक सभ्यता के आधार पर सर्वसाधारण तथा युवकों/युवतियों और बालक/बालिकाओं में उचित उपायों द्वारा वैदिक…

Read More

वेदप्रचार अभियान

     युगप्रवर्तक, वेदोद्धारक, प्रसिद्ध समाज सुधारक, आर्य समाज के संस्थापक महर्षि देव दयानन्द सरस्वती जी महाराज के २०० वें जन्मवर्ष और आर्य समाज की स्थापना के १५० वें वर्ष के पुण्य अवसर पर महर्षि दयानन्द योगपीठ न्यास द्वारा पूरे वर्षभर गतिविधियां चलाई जा रही है। वेदप्रचार अभियान –       वैशाख कृष्णपक्ष अमावस्या दिन बुधवार ( ८ मई…

Read More

श्रावणी उपाकर्म एवं वेद स्वाध्याय पर्व, ऋषि तर्पण, रक्षाबन्धन, यज्ञोपवीत पर्व, वेद प्रचार पर्व

श्रावणी पर्व जो कि प्राचीनकाल काल से उपाकर्म, उत्सर्जन, वेद स्वाध्याय, ऋषि तर्पण और वर्षाकालीन वृहद् यज्ञ ( वर्षाचातुर्मास्येष्टि ) आदि नामों से प्रचलित है। यह विशेष पर्व है। इसे बड़ी धूम-धाम से मनाना चाहिए। आज के दिन किये जाने वाले यज्ञ की विधि इस प्रकार है – ० आचमन ० अङ्गस्पर्श ० यज्ञोपवीत धारण…

Read More
error: Content is protected !!