एकवर्षीय आर्य पुरोहित/पुरोहिता प्रशिक्षण पाठ्यक्रम सूचना

नमस्ते जी!
    सादर निवेदन है कि महर्षि दयानन्द योगपीठ न्यास द्वारा वैदिक विचारधारा के प्रचार-प्रसार, यज्ञ-संस्कारों की परम्परा को सुदृढ़ करने तथा योग्य, विद्वान्, संस्कारवान् एवं कर्मनिष्ठ आर्य पुरोहित/पुरोहिता तैयार करने के उद्देश्य से एकवर्षीय आर्य पुरोहित/पुरोहिता प्रशिक्षण पाठ्यक्रम प्रारम्भ किया जा रहा है।
इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ऐसे प्रशिक्षित व्यक्तियों का निर्माण करना है, जो वैदिक सिद्धान्तों के अनुरूप यज्ञ, संस्कार एवं वैदिक कर्मकाण्ड का शास्त्रीय और व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करके आर्य समाजों, परिवारों तथा समाज के विभिन्न क्षेत्रों में वैदिक संस्कारों एवं वेद प्रचार का कार्य कुशलतापूर्वक कर सकें।

    इस पुनीत उद्देश्य की पूर्ति के लिए वैदिक विचारधारा में रुचि रखने वाले योग्य एवं इच्छुक भाई-बहनों से प्रशिक्षण में सम्मिलित होने हेतु ऑनलाइन पंजीकरण कराने का सादर आह्वान किया जाता है।

१. प्रशिक्षण पाठ्यक्रम का विवरण
आयोजक संस्था : महर्षि दयानन्द योगपीठ न्यास
पाठ्यक्रम का नाम : एकवर्षीय आर्य पुरोहित/पुरोहिता प्रशिक्षण
प्रशिक्षण अवधि : जनवरी २०२७ से दिसम्बर २०२७ तक
पञ्जीकरण शुल्क : ₹ १,००० (एक हजार रुपये मात्र)
प्रशिक्षण शुल्क : पूर्णतः निःशुल्क
पञ्जीकरण की अन्तिम तिथि : ३१ दिसम्बर २०२६
पंजीकरण का माध्यम : ऑनलाइन
पञ्जीकरण करने के लिए लिंक – https://forms.gle/c2Lkjf8DSw55sJQo9
पञ्जीकरण सम्बन्धित किसी भी जानकारी के लिए सम्पर्क सूत्र – +919456460570 
प्रशिक्षण सम्बन्धी साहित्य : प्रशिक्षणार्थियों को उपलब्ध कराया जायेगा।

२. प्रशिक्षण की पद्धति
प्रशिक्षण को व्यवस्थित, उपयोगी एवं व्यावहारिक बनाने के लिए निम्नलिखित व्यवस्था रहेगी—

  1. पाक्षिक ऑनलाइन कक्षाएँ : प्रत्येक पखवाड़े ऑनलाइन कक्षा के माध्यम से विषयों का अध्ययन एवं मार्गदर्शन।
  2. स्वाध्याय : निर्धारित विषयों एवं प्रशिक्षण साहित्य का नियमित अध्ययन।
  3. गृहकार्य : अध्ययन की प्रगति जाँचने तथा विषयों को अच्छी तरह समझने के लिए निर्धारित कार्य।
  4. क्षेत्रीय अभ्यास : यज्ञ, संस्कार एवं वैदिक कार्यक्रमों के संचालन का व्यावहारिक अभ्यास।
  5. दस दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर : प्रशिक्षण अवधि के अन्त में विशेष शिविर आयोजित किया जायेगा, जिसमें गहन प्रशिक्षण, अभ्यास, मार्गदर्शन एवं मूल्यांकन की व्यवस्था रहेगी। शिविर का स्थान, तिथि तथा अन्य आवश्यक विवरण समय पर सूचित किये जायेंगे।

३. प्रशिक्षण के प्रमुख विषय
प्रशिक्षण में आवश्यकतानुसार निम्नलिखित विषय सम्मिलित किये जायेंगे—
वेद एवं वैदिक विचारधारा का परिचय।
महर्षि दयानन्द सरस्वती के जीवन, सिद्धान्त एवं विचार।
सन्ध्या, ईश्वर-उपासना एवं दैनिक वैदिक आचार।
यज्ञ का सैद्धान्तिक एवं व्यावहारिक ज्ञान।
प्रमुख वैदिक संस्कारों की विधि एवं उनका महत्त्व।
वैदिक मन्त्रों का शुद्ध उच्चारण
संस्कारों में प्रयुक्त वेदमन्त्रों का अध्ययन।
वैदिक कर्मकाण्ड की शास्त्रीय एवं व्यावहारिक पद्धति।
प्रवचन, व्याख्यान एवं वैदिक उपदेश देने का अभ्यास।
आर्य समाज की कार्यप्रणाली एवं सामाजिक दायित्व।
पुरोहित/पुरोहिता के आवश्यक गुण, आचरण, अनुशासन एवं कर्तव्य।

४. परीक्षा एवं प्रमाण-पत्र
प्रशिक्षणार्थियों के ज्ञान, अभ्यास एवं कार्यकुशलता का मूल्यांकन निम्नलिखित माध्यमों से किया जायेगा—
लिखित परीक्षा : सैद्धान्तिक ज्ञान का मूल्यांकन।
मौखिक परीक्षा : विषयों की समझ एवं अभिव्यक्ति की जाँच।
प्रयोगात्मक परीक्षा : यज्ञ, संस्कार एवं अन्य निर्धारित व्यावहारिक कार्यों का परीक्षण।
प्रशिक्षण की आवश्यक गतिविधियों एवं निर्धारित परीक्षाओं को सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले प्रशिक्षणार्थियों को आर्य पुरोहित/पुरोहिता प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र प्रदान किया जायेगा।

 ५. प्रशिक्षक, मार्गदर्शक एवं सहयोगी महानुभाव

डॉ॰ वीरेन्द्र खण्डेलवाल ( वरिष्ठ चिकित्सक, संचालक – खण्डेलवाल नर्सिंग होम आगरा एवं प्रधान आर्य परिवार आगरा )

माता श्रीमती त्रिवेणी आनन्द ( अध्यक्षा – सद्भावना जन कल्याण ट्रस्ट आगरा )

आचार्य जीवन सिंह ( प्राचार्य – सर्वदानन्द संस्कृत महाविद्यालय साधू आश्रम अलीगढ़ एवं संचालक – आर्य वीर दल पश्चिमी उत्तर प्रदेश  )

डॉ॰ कैलाश कर्मठ ( मिशनरी प्रचारक एवं महामन्त्री – अखिल भारतीय आर्य भजनोपदेशक परिषद )

डॉ॰ नरेन्द्र अग्निहोत्री ( वैदिक प्रवक्ता एवं लेखक )

डॉ॰ पुनीत अग्निहोत्री एम०डी० ( संचालक – आरोग्य शाला, हाथरस )

आचार्य पंकज आर्य ( वरिष्ठ उपप्रधान – आर्य प्रतिनिधि सभा उत्तर प्रदेश एवं मुख्य संचालक – आर्य वीर दल उत्तर प्रदेश )

श्री राकेश तिवारी ( मन्त्री – आर्य समाज ताजगंज आगरा एवं कोषाध्यक्ष – आर्य वीर दल जनपद – आगरा

आर्य जगत के विद्वानों का मार्गदर्शन और अधिकारियों का सहयोग भी लिया जायेगा।

६. आपसे विशेष निवेदन
वैदिक संस्कृति एवं संस्कारों के संरक्षण, यज्ञीय परम्परा के विस्तार तथा समाज में वैदिक विचारधारा के प्रचार-प्रसार के लिए योग्य आर्य पुरोहितों एवं पुरोहिताओं की आवश्यकता है। यह प्रशिक्षण उन सभी इच्छुक भाई-बहनों के लिए एक महत्त्वपूर्ण अवसर है, जो स्वयं वैदिक ज्ञान प्राप्त करके समाज-सेवा, संस्कार-निर्माण एवं वेद प्रचार के कार्य में अपना योगदान देना चाहते हैं।
अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि इस सूचना को अपने परिचितों, आर्य समाजों, सामाजिक संगठनों, वैदिक विचारधारा में रुचि रखने वाले व्यक्तियों तथा योग्य युवक-युवतियों तक पहुँचाने की कृपा करें, जिससे अधिकाधिक इच्छुक अभ्यर्थी इस प्रशिक्षण का लाभ उठा सकें। आइये, हम सब मिलकर वैदिक ज्ञान, यज्ञ-संस्कार एवं आदर्श जीवन-मूल्यों के प्रचार-प्रसार के लिए प्रशिक्षित, योग्य एवं समर्पित कार्यकर्ताओं का निर्माण करें। आप भी इस अभियान में सहयोगी बन सकते हैं। आप हमें सूचित कीजिए हम आपसे सम्पर्क करेंगे।

धन्यवाद!
        सादर नमस्ते!

निवेदक
आचार्य हरिशंकर अग्निहोत्री
( वैदिक प्रवक्ता, लेखक एवं मिशनरी प्रचारक )
अध्यक्ष/संचालक
महर्षि दयानन्द योगपीठ न्यास
सम्पर्क सूत्र : 9411082340
www.maharshidayanandyogpeeth.com

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